spiritual psychology india No Further a Mystery
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गुस्से में कभी कोई फैसला मत करो और जरूरत से ज्यादा खुशी मिलने पर किसी से कोई वादा मत करो क्योंकि दोनों ही हमेशा गलत होते हैं।
नफरत गुनाहों से करो, गुनाह करने वालों से नहीं शायद वह तुम्हारी मोहब्बत आकर गुनाह करना छोड़ दे।
गुनाह से तौबा करना वाजिब है गुनाहों से बचना और ज्यादा वाजिब है।
अच्छा समय अच्छी याद आता है और बुरा समय अच्छी सीख।
अपने आप को दूसरों से बेहतर समझना, अपने गुनाहों को भूल जाना और अपने अल्लाह का जिक्र ना करना, यह तीन चीजें इंसान को मिट्टी में मिला सकती हैं।
कर्ज़, दुश्मन और बीमारी, इन तीन चीजों को जितनी जल्दी हो सके खत्म कर दें।
जीवन का सबसे जरूरी सवाल यह है कि आपने अपनी जिंदगी में दूसरों के लिए क्या-क्या किया।
आपका अच्छे लोगों के here साथ अच्छे से पेश आना कोई खूबी नहीं बल्कि बुरे लोगों के साथ आपका अच्छे से पेश आना कमाल है।
किसी की कमियां तलाश करने वालों की मिसाल मक्खी जैसी है जो इंसान के सारे खूबसूरत जिस्म को छोड़कर सिर्फ जख्मों पर ही बैठती है।
एक भाग रहा है और एक आराम से बैठा है अब “मैं भागू या बैठा रहूँ” यह सोच कर अपना समय बर्बाद मत करो और ना भागों और ना बैठो, तुम अपने रास्ते धीरे-धीरे चलते रहो तभी अपनी मंजिल तक पहुंच पाओगे।
जो असंभव कार्य को संभव कर दिखाये उसे ही दुनिया महान कहती है।
क्यों डरे जिंदगी में क्या होगा? हर वक्त क्यों सोचें कि बुरा होगा?
दुनिया में बढ़िया इंसान वह है जिसके लिए कोई रोए और बे का निशान हुआ है जिसकी वजह से कोई रोए।
जो लोग आधे-अधूरे मन से कोई काम करते हैं उन्हें आधी-अधूरी और खोखली सफलता मिलती है।